अफगानिस्तान की घटना से इतना तो हमने जरुर सिखा सीखा की – सारा व्यापार, घर और बैंक बैलेंस यही रह जाता है | जब तक राष्ट्र मजबूत नहीं तब तक रेफयूजी की जिंदगी है, व्यक्तिगत स्वार्थ के उपर है राष्ट्र | राजनेताओं का परिवार तो आसानी से निकल जाता है और रह जाता है आम आदमी ! इसलिए देशद्रोही सोच वाले लोगो का सामूहिक बहिस्कार हो !
अरब की नजर में तालिवान काफिर है, तालिवान की नजर में अफगानी काफिर है, अफगानी की नजर में पाकिस्तानी काफिर है, पाकिस्तानी की नजर में हिन्दू काफिर है लेकिन हिन्दुओ की नजर में भाईचारे का कीड़ा है और यही राष्ट्र का कीड़ा है |
उपयोक्त बातो के कारन ही गरीब लुटता है और पीटता भी !

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